

रिपोर्टर राजकुमार हमीरपुर अखंड भारत
मौदहा। हमीरपुर।11 दिसंबर मौदहा विकास खण्ड के गांव बिहरका से पासुन को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य दो दशक पहले शुरू हुआ था।इस मार्ग में मिट्टी और गिट्टी डालने के बाद आजतक डामरीकरण नहीं किया गया है। इसी तरह से उरदना से पासुन को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। दूसरी ओर सरकार द्वारा गड्ढा मुक्त सड़कों का ढिंढोरा पीटकर जनता जनार्दन से छलाव हो रहा है। साथ ही क्षेत्रीय विकास के वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अपने विकास की गंगा बहाते दिखाई दे रहे हैं।
बताते चलें कि मौदहा विधान सभा समाप्त होने का दंश इस क्षेत्र के हजारों लोगों को लगातार झेलना पड़ रहा है। क्षेत्रीय विकास के वादे करने वाले जनप्रतिनिधियों के चुनावी वादे हवा-हवाई दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश की सरकार द्वारा गड्ढा मुक्त सड़कें देने का दावा सिर्फ छलावा साबित हो रहा है। कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है। तमाम जनप्रतिनिधि और सरकारी अमला सिर्फ अपने विकास की गंगा बहाने में लगे हुए हैं। विकास के झूठे दावों से क्षेत्र की जनता जनार्दन स्वयं को ठगा महसूस कर रही है। मौदहा विकास खण्ड के अधिकांश संपर्क मार्ग ध्वस्त पड़े हैं । इनमें भारी भरकम गड्ढों के कारण आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। सत्ता के संरक्षित ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की गहरी सांठगांठ व कमीशनखोरी से योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पूरी तरह से फ्लॉप दिखाई दे रही है। घटिया कार्य और फर्जी भुगतानों की बयार बह रही है। जिसका खामियाजा जनता जनार्दन को भुगतान पड़ रहा है।इसी भ्रष्टाचार की बयार के चलते मौदहा क्षेत्र के दर्जनों सम्पर्क मार्ग आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। क्षेत्र के गांव बिहरका से पासुन गांव को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य दो दशक पूर्व में शुरू हुआ था जिसमें सम्बंधित विभाग और ठेकेदारों द्वारा मिट्टी तथा गिट्टी डालने का काम किया गया था।लेकिन आजतक इस मार्ग का डामरीकरण नहीं हुआ है। हालांकि सूत्रों की मानें तो कागजों में डामरीकरण होकर उखड़ भी चुका है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि घोटाले को लेकर कई बार शासन प्रशासन से जांच की मांग कर चुके हैं लेकिन चोर चोर मौसेरे भाई की कहावत चरितार्थ बनी हुई है। इसी प्रकार से उरदना गांव से पासुन को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग में लगभग दो दशक से गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। इसमें लोगों का निकलना चलना दुश्वार है। यह मार्ग मौदहा कस्बा से चौबीसी क्षेत्र के गांव पासुन, लेवा, भैसमरी, छानी गउघाट को सीधे जोड़ता है। और इन गांवों से तहसील व ब्लाक मुख्यालय तथा सीएचसी आने वालों को बड़ा लाभ मिलता था लेकिन यह मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो जाने के कारण लोगों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर तहसील मुख्यालय आना पड़ता है। उक्त दोनों मार्गों का जीर्णोद्धार कराके हजारों लोगों मौदहा कस्बा पहुंचने में दूरी और समय दोनों की बचत हो सकती है।कई बार जब बारिश के दिनों में पढ़ोरी स्थित चंद्रावल नदी में यातायात ठप हो जाता था तो इन्हीं दोनों सम्पर्क मार्गों से हजारों लोग मौदहा पहुंचते थे। लेकिन शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा है।